फेक ईमेल आईडी कैसे पहचानें: फ़िशिंग के 12 बड़े संकेत
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किसी ईमेल के असली या नकली होने की पहचान करने के लिए सबसे पहले भेजने वाले की फेक ईमेल आईडी (पूरा डोमेन नाम), उसमें छिपे लिंक का असली वेब पता और तुरंत कार्रवाई करने के लिए बनाए गए अनुचित दबाव की जांच करें। यदि कोई संदेश आपसे पासवर्ड, ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण मांगता है, या उसमें अनजान अटैचमेंट और सामान्य अभिवादन ('Dear Customer') है, तो वह लगभग निश्चित रूप से एक फ़िशिंग (Phishing) स्कैम है। अपनी मुख्य ईमेल को ऐसे खतरों से दूर रखने के लिए अनजान वेबसाइटों पर साइन-अप करते समय Temp Mail (अस्थायी ईमेल) का उपयोग करना भी एक समझदारी भरा कदम है।
साइबर अपराधी फेक ईमेल क्यों भेजते हैं?
साइबर अपराधियों के लिए ईमेल सबसे सस्ता और आसान हथियार है। एक साथ हजारों लोगों को नकली संदेश भेजकर वे उम्मीद करते हैं कि कुछ लोग घबराहट या लालच में आकर उनके जाल में फंस जाएंगे। इस तकनीक को 'फ़िशिंग' कहा जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य आपकी गोपनीय जानकारी या पैसा चुराना होता है।
अपराधी आमतौर पर तीन कारणों से ऐसे नकली ईमेल भेजते हैं। पहला कारण आपके लॉगिन विवरण (यूज़रनेम और पासवर्ड) हासिल करना है, ताकि वे आपके सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स या ईमेल खाते पर कब्ज़ा कर सकें। दूसरा बड़ा उद्देश्य सीधा वित्तीय धोखाधड़ी करना है, जिसमें नकली बिल, केवाईसी (KYC) अपडेट या रिफंड के नाम पर आपसे यूपीआई (UPI) पिन, क्रेडिट कार्ड नंबर या ओटीपी मांगा जाता है।
तीसरा उद्देश्य आपके कंप्यूटर या स्मार्टफोन में मैलवेयर (Malware) या रैनसमवेयर पहुंचाना होता है। जैसे ही आप किसी संदिग्ध अटैचमेंट को डाउनलोड करके खोलते हैं, आपके डिवाइस में एक खतरनाक सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है जो आपकी निजी फाइलों को लॉक कर सकता है या चुपचाप आपके कीबोर्ड पर टाइप किए जाने वाले पासवर्ड रिकॉर्ड कर सकता है।
फेक ईमेल आईडी और फ़िशिंग को पहचानने के 12 मुख्य संकेत
स्कैमर्स आजकल असली कंपनियों के लोगो, रंग और भाषा की हूबहू नकल कर लेते हैं। लेकिन चाहे ईमेल कितना भी पेशेवर क्यों न दिखे, उसमें कुछ ऐसी गलतियां या सुराग ज़रूर होते हैं जिनसे आप धोखे को पकड़ सकते हैं। नीचे दिए गए 12 संकेतों को हमेशा ध्यान में रखें।
1. भेजने वाले का संदिग्ध डोमेन और फेक ईमेल आईडी
किसी भी ईमेल की जांच करते समय सबसे पहला काम भेजने वाले का पूरा पता देखना है। अक्सर स्कैमर्स ऐसे डोमेन नाम खरीदते हैं जो पहली नज़र में किसी बड़ी कंपनी जैसे लगते हैं, लेकिन उनमें स्पेलिंग का मामूली अंतर होता है। उदाहरण के लिए, किसी आधिकारिक बैंक या शॉपिंग साइट के नाम में अक्षर 'o' की जगह शून्य '0' या 'm' की जगह 'rn' का उपयोग किया जा सकता है।
इसके अलावा, कोई भी प्रतिष्ठित बैंक, सरकारी विभाग या बड़ी कंपनी आपको मुफ्त पब्लिक ईमेल सेवा (जैसे सामान्य `@gmail.com` या `@yahoo.com`) से आधिकारिक खाता अपडेट नहीं भेजेगी। यदि आपको आयकर विभाग या किसी बैंक के नाम से ऐसा संदेश मिले जिसका पता किसी मुफ़्त ईमेल सेवा पर समाप्त होता है, तो समझ जाएं कि वह एक फेक ईमेल आईडी है।
2. डिस्प्ले नेम (Display Name) की धोखाधड़ी
मोबाइल फोन पर ईमेल ऐप खोलते समय अक्सर केवल भेजने वाले का 'डिस्प्ले नेम' दिखाई देता है, पूरा ईमेल पता नहीं। अपराधी इसका पूरा फायदा उठाते हैं और अपना नाम 'Customer Support', 'State Bank Alert' या 'Amazon Order' रख लेते हैं।
केवल नाम देखकर कभी भरोसा न करें। हमेशा भेजने वाले के नाम पर टैप या क्लिक करके उसके पीछे छिपा वास्तविक ईमेल पता (जो `@` चिह्न के बाद आता है) ज़रूर देखें। यदि नाम और वास्तविक डोमेन आपस में मेल नहीं खाते, तो संदेश नकली है।
3. तुरंत कार्रवाई करने का अनुचित दबाव या डर
फ़िशिंग ईमेल आपकी सोचने-समझने की क्षमता को कम करने के लिए डर या घबराहट का माहौल बनाते हैं। इनमें अक्सर ऐसी चेतावनियां लिखी होती हैं: "आपका बैंक खाता 24 घंटे में ब्लॉक हो जाएगा", "आपका पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया गया है", या "आपके खाते से एक संदिग्ध लेनदेन हुआ है, तुरंत रोकें।"
असली संस्थान अपने ग्राहकों को इस तरह की अचानक धमकियां देकर किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर नहीं करते। जब भी कोई ईमेल आपको तुरंत फैसला लेने के लिए डराए, तो रुकें और गहरी सांस लें—यही दबाव उसके नकली होने का सबसे बड़ा सबूत है।
4. सामान्य और अवैयक्तिक अभिवादन
जिन कंपनियों के पास आपका असली खाता है, वे आमतौर पर आपको आपके नाम से संबोधित करती हैं। इसके विपरीत, स्कैमर्स के पास केवल आपकी ईमेल आईडी होती है, आपका पूरा नाम नहीं। इसलिए वे 'Dear Customer', 'Dear User', 'Valued Member' या सीधे आपकी ईमेल आईडी का पहला हिस्सा लिखकर बात शुरू करते हैं।
हालांकि आजकल कुछ डेटा लीक के कारण अपराधियों के पास नाम भी हो सकते हैं, फिर भी किसी संवेदनशील बैंक या वित्तीय संदेश में सामान्य अभिवादन होना एक गंभीर चेतावनी संकेत है।
5. दिखावटी टेक्स्ट और असली लिंक (URL) में अंतर
ईमेल में दिखने वाला नीला लिंक या चमकदार बटन आपको जो दिखाता है, ज़रूरी नहीं कि वह आपको उसी वेबसाइट पर ले जाए। ईमेल के अंदर 'Verify Your Account' या किसी आधिकारिक जैसी दिखने वाली वेबसाइट का पता लिखा हो सकता है, लेकिन उसके पीछे किसी बिल्कुल अलग और खतरनाक वेबसाइट का लिंक छिपा होता है।
कंप्यूटर पर लिंक पर क्लिक किए बिना केवल अपना माउस कर्सर उसके ऊपर ले जाएं (Hover करें); स्क्रीन के निचले कोने में असली वेब पता दिख जाएगा। मोबाइल पर लिंक को एक सेकंड के लिए दबाकर रखें (Long press), जिससे एक पॉप-अप में पूरा URL सामने आ जाएगा। उदाहरण के लिए, ई-कॉमर्स स्कैम को विस्तार से समझने के लिए आप पढ़ सकते हैं कि नकली अमेज़न ईमेल कैसा दिखता है और उससे कैसे बचें।
6. पासवर्ड, पिन, CVV या OTP की मांग
यह नियम बिल्कुल सीधा और अटूट है: कोई भी वैध बैंक, पेमेंट ऐप, ईमेल प्रदाता या सरकारी संस्था आपसे ईमेल के ज़रिए आपका पासवर्ड, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, कार्ड का CVV या वन-टाइम पासवर्ड (OTP) कभी नहीं मांगती।
यदि किसी ईमेल में एक फॉर्म दिया गया है या आपको किसी ऐसे वेबपेज पर भेजा जा रहा है जहां आपकी गोपनीय सुरक्षा जानकारी मांगी जा रही है, तो उस पेज को तुरंत बंद कर दें।
7. अनचाहे और अजीब फ़ाइल अटैचमेंट
स्कैमर्स अक्सर 'Invoice_Copy', 'Payment_Receipt', 'Courier_Tracking' या 'Tax_Notice' के नाम से ईमेल के साथ फाइलें जोड़कर भेजते हैं। उनका मकसद होता है कि आप जिज्ञासा या चिंता में उस फाइल को अपने डिवाइस पर खोल लें।
विशेष रूप से `.exe`, `.scr`, `.zip`, `.rar` या मैक्रो-सक्षम दस्तावेज़ (`.docm`, `.xlsm`) वाली फाइलों से बेहद सावधान रहें। यहां तक कि नकली PDF फाइलों के अंदर भी फ़िशिंग लिंक छिपे हो सकते हैं। यदि आपने किसी रसीद या दस्तावेज़ की उम्मीद नहीं की है, तो अटैचमेंट को कभी डाउनलोड न करें।
8. भाषा, व्याकरण और फॉर्मेटिंग की गलतियां
बड़ी कंपनियों के आधिकारिक ईमेल कई स्तरों की जांच के बाद भेजे जाते हैं, इसलिए उनमें स्पेलिंग या व्याकरण की गलतियां न के बराबर होती हैं। दूसरी ओर, कई फ़िशिंग ईमेल ऑटोमैटिक ट्रांसलेशन टूल्स की मदद से तैयार किए जाते हैं या जानबूझकर उनमें अजीब अक्षर डाले जाते हैं ताकि वे स्पैम फ़िल्टर को चकमा दे सकें।
यदि ईमेल में अजीबोगरीब हिंदी या अंग्रेजी वाक्य, टूटे-फूटे फॉन्ट, धुंधला लोगो या बेमेल लेआउट दिखाई दे, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें।
9. अविश्वसनीय ऑफ़र, लॉटरी या रिफंड का लालच
डर के अलावा लालच साइबर अपराधियों का दूसरा सबसे बड़ा हथियार है। "आपने एक महंगा स्मार्टफोन जीता है", "आपका रुका हुआ इनकम टैक्स रिफंड जारी करने के लिए यहां क्लिक करें", या "बिना किसी शर्त के भारी डिस्काउंट कूपन पाएं"—ऐसे संदेश आपको तुरंत क्लिक करने के लिए उकसाते हैं।
याद रखें, जिस लॉटरी या प्रतियोगिता में आपने कभी हिस्सा ही नहीं लिया, उसे आप जीत नहीं सकते। ऐसे ईमेल अक्सर प्रोसेसिंग फीस या डिलीवरी चार्ज के नाम पर आपके कार्ड की जानकारी चुराने के लिए बनाए जाते हैं।
10. भुगतान के असामान्य तरीके मांगना
यदि कोई ईमेल किसी बकाया बिल, जुर्माने या सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए आपसे गिफ्ट कार्ड (Gift Cards), क्रिप्टोकरेंसी, या किसी अनजान व्यक्ति के निजी यूपीआई आईडी पर पैसे भेजने को कहता है, तो यह सौ प्रतिशत धोखाधड़ी है। वैध कंपनियां और सरकारी विभाग केवल अपने आधिकारिक पेमेंट गेटवे के माध्यम से ही भुगतान स्वीकार करते हैं।
11. ईमेल सिग्नेचर और आधिकारिक संपर्क जानकारी का अभाव
असली व्यावसायिक ईमेल के निचले हिस्से (Footer) में कंपनी का पंजीकृत पता, आधिकारिक हेल्पलाइन विवरण और सदस्यता समाप्त करने (Unsubscribe) का स्पष्ट विकल्प होता है। नकली ईमेल में या तो यह जानकारी पूरी तरह गायब होती है, या फिर वहां अधूरा और नकली पता लिखा होता है।
12. बिना कारण भेजे गए सुरक्षा अलर्ट या फर्जी रसीदें
आजकल एक नया तरीका बहुत प्रचलन में है जिसमें आपको किसी महंगे सामान या एंटीवायरस सब्सक्रिप्शन की नकली रसीद भेजी जाती है। ईमेल में लिखा होता है कि आपके खाते से बड़ी रकम काट ली गई है, और यदि आपने यह ऑर्डर नहीं दिया है तो नीचे दिए गए 'कस्टमर केयर नंबर' पर तुरंत कॉल करें।
जब आप घबराकर उस नंबर पर कॉल करते हैं, तो दूसरी तरफ बैठा ठग आपकी मदद करने के बहाने आपके फोन में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवा लेता है और आपका बैंक खाता खाली कर देता है।
असली बनाम नकली ईमेल: त्वरित जांच तालिका
नीचे दी गई तालिका की मदद से आप कुछ ही सेकंड में किसी ईमेल के असली या नकली होने की तुलना कर सकते हैं:
| जांच का बिंदु | असली (वैध) ईमेल | नकली (फ़िशिंग) ईमेल |
|---|---|---|
| भेजने वाले का पता | कंपनी के आधिकारिक डोमेन से बिल्कुल मेल खाता है। | स्पेलिंग में हेरफेर वाली फेक ईमेल आईडी या मुफ्त ईमेल डोमेन। |
| अभिवादन (Greeting) | आमतौर पर आपके पंजीकृत नाम से संबोधित करता है। | 'Dear Customer', 'User' या सामान्य शब्द का प्रयोग। |
| भाषा और लहजा | शांत, पेशेवर और सूचनात्मक। | डराने वाला, तुरंत कार्रवाई का दबाव बनाने वाला या अत्यधिक लालच देने वाला। |
| लिंक (URL) | माउस ले जाने पर आधिकारिक और सुरक्षित वेबसाइट दिखती है। | दिखने में कुछ और, लेकिन अंदर किसी अनजान या संदिग्ध साइट का लिंक। |
| जानकारी की मांग | कभी भी पासवर्ड, पिन या OTP नहीं मांगता। | खाता बचाने या पैसे पाने के नाम पर लॉगिन और बैंक विवरण मांगता है। |
| अटैचमेंट | केवल तभी आता है जब आपने स्वयं कोई रसीद या स्टेटमेंट मांगा हो। | बिना मांगे `.zip`, `.exe` या संदिग्ध इनवॉइस फाइलें। |
किसी संदिग्ध ईमेल की सुरक्षित रूप से जांच कैसे करें?
यदि आपको कोई ऐसा ईमेल मिलता है जो आपके बैंक, कोरियर कंपनी या शॉपिंग साइट से जुड़ा लगता है और आप सुनिश्चित नहीं हैं कि वह असली है या नकली, तो उसकी जांच करने के लिए कभी भी उस ईमेल के अंदर दिए गए लिंक या फोन नंबर का इस्तेमाल न करें।
- स्वतंत्र रूप से लॉगिन करें: ईमेल को बंद करें, अपने ब्राउज़र में एक नया टैब खोलें और खुद टाइप करके उस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं (या उसका आधिकारिक मोबाइल ऐप खोलें)। यदि आपके खाते में सचमुच कोई समस्या, बकाया बिल या अलर्ट है, तो वह आपको आपके अकाउंट डैशबोर्ड के अंदर साफ दिखाई देगा।
- तकनीकी हेडर की जांच करें: यदि आप यह जानना चाहते हैं कि ईमेल वास्तव में किस सर्वर से चला है और क्या वह प्रामाणिक है, तो आप हमारी गाइड पढ़ सकते हैं कि ईमेल हेडर पढ़कर संदेश के असली स्रोत की पहचान कैसे करें।
- आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें: यदि आपको कस्टमर केयर से बात करनी ही है, तो अपने एटीएम कार्ड के पीछे लिखे नंबर या कंपनी की मुख्य वेबसाइट पर उपलब्ध नंबर पर कॉल करें।
- संदिग्ध ईमेल की रिपोर्ट करें: पुष्टि हो जाने पर कि ईमेल नकली है, उसे केवल डिलीट न करें। अपने ईमेल प्रदाता के 'Report Phishing' विकल्प का उपयोग करें ताकि अन्य उपयोगकर्ता भी सुरक्षित रह सकें। इसकी पूरी प्रक्रिया जानने के लिए देखें कि फ़िशिंग और फेक ईमेल की रिपोर्ट कैसे करें।
यदि आपने गलती से किसी फ़िशिंग लिंक पर क्लिक कर दिया है तो क्या करें?
गलती किसी से भी हो सकती है। यदि आपने जल्दबाजी में किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया है या कोई फाइल डाउनलोड कर ली है, तो घबराने के बजाय तुरंत ये कदम उठाएं:
- इंटरनेट कनेक्शन तुरंत बंद करें: यदि कोई फाइल डाउनलोड हुई है, तो अपने कंप्यूटर या फोन का वाई-फाई (Wi-Fi) और मोबाइल डेटा तुरंत बंद कर दें। इससे मैलवेयर को आपके डिवाइस से अपराधियों के सर्वर तक डेटा भेजने से रोका जा सकता है।
- किसी अन्य डिवाइस से पासवर्ड बदलें: यदि आपने उस पेज पर अपना पासवर्ड या लॉगिन विवरण दर्ज कर दिया था, तो किसी दूसरे सुरक्षित फोन या कंप्यूटर का उपयोग करके तुरंत अपने ईमेल और संबंधित खातों का पासवर्ड बदलें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें: अपने सभी महत्वपूर्ण खातों पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करें, ताकि केवल पासवर्ड जानने से कोई आपके खाते में प्रवेश न कर सके।
- बैंक को सूचित करें: यदि आपने कार्ड नंबर, नेट बैंकिंग विवरण या ओटीपी साझा कर दिया है, तो बिना एक मिनट गंवाए अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके अपना कार्ड और यूपीआई सेवा अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाएं।
- डिवाइस को स्कैन करें: अपने सिस्टम को किसी विश्वसनीय एंटीवायरस या सुरक्षा टूल से पूरी तरह स्कैन करें और संदिग्ध डाउनलोड की गई फाइलों को स्थायी रूप से हटा दें।
महत्वपूर्ण सूचना: भारत में किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी या साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या भारत सरकार के आधिकारिक National Cyber Crime Reporting Portal पर अपनी शिकायत दर्ज करें। तकनीकी सुरक्षा दिशानिर्देशों के लिए आप CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) की वेबसाइट भी देख सकते हैं।
अपने इनबॉक्स को सुरक्षित रखें और स्पैम से बचें
क्या आपने कभी सोचा है कि इन स्कैमर्स के पास आपकी ईमेल आईडी पहुंचती कैसे है? जब भी आप किसी शॉपिंग कूपन, मुफ्त ई-बुक, पब्लिक वाई-फाई या अनजान वेबसाइट पर अपना मुख्य ईमेल पता दर्ज करते हैं, तो वह डेटाबेस में सेव हो जाता है। जब ये डेटाबेस लीक होते हैं या मार्केटिंग एजेंसियों को बेचे जाते हैं, तो आपकी असली ईमेल आईडी फ़िशिंग करने वालों के हाथ लग जाती है।
इस खतरे को जड़ से कम करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी मुख्य ईमेल आईडी केवल बैंकिंग, सरकारी काम और भरोसेमंद सेवाओं के लिए ही सुरक्षित रखें। रोज़मर्रा के सामान्य साइन-अप, वन-टाइम वेरिफिकेशन या नई वेबसाइटों को आज़माने के लिए डिस्पोजेबल ईमेल का उपयोग करके आप ऑनलाइन सुरक्षा के लिए अपनी अटैक सरफेस (Attack Surface) को कम कर सकते हैं।
FakeEmail.net एक मुफ़्त Temp Mail (अस्थायी ईमेल) सेवा है जिसके लिए किसी पंजीकरण, पासवर्ड या निजी जानकारी की आवश्यकता नहीं होती। जैसे ही आप साइट खोलते हैं, आपको हमारे डोमेन पर एक रैंडम ईमेल पता मिल जाता है जिसे आप कॉपी करके किसी भी वेबसाइट पर उपयोग कर सकते हैं, और आने वाले संदेश उसी पेज पर अपने आप दिखाई देते हैं। आप 'बदलें' बटन से अपनी पसंद का यूज़रनेम चुन सकते हैं, एक ब्राउज़र सेशन में 10 तक पते रख सकते हैं और काम पूरा होने पर 'Delete' बटन से उसे हटा सकते हैं।
सुरक्षा सलाह: अस्थायी ईमेल (Temp Mail) केवल संदेश प्राप्त करने (Receive-only) के लिए होते हैं और आपका सेशन लगभग दो घंटे की निष्क्रियता के बाद समाप्त हो जाता है। चूंकि कोई भी व्यक्ति जिसे वह पता मालूम हो, उस इनबॉक्स को खोल सकता है, इसलिए Temp Mail का उपयोग कभी भी बैंकिंग, पासवर्ड रिकवरी या संवेदनशील निजी कामों के लिए न करें। इसका उपयोग केवल अनजान साइटों से अपनी असली ईमेल आईडी छिपाने के लिए करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या केवल फ़िशिंग ईमेल को खोलने (Open करने) से मेरा फोन या कंप्यूटर हैक हो सकता है?
आमतौर पर केवल ईमेल खोलने और पढ़ने भर से आपका डिवाइस हैक नहीं होता। असली खतरा तब शुरू होता है जब आप ईमेल के अंदर दिए गए किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते हैं, कोई अटैचमेंट डाउनलोड करके खोलते हैं, या किसी फॉर्म में अपनी निजी जानकारी दर्ज करते हैं। हालांकि, ईमेल ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने ईमेल ऐप में 'Auto-load remote images' को बंद रखना एक अच्छी आदत है।
फेक ईमेल आईडी (Phishing Email) और Temp Mail (अस्थायी ईमेल) में क्या अंतर है?
फेक ईमेल आईडी या फ़िशिंग ईमेल वह धोखाधड़ी वाला संदेश है जिसे साइबर अपराधी किसी असली कंपनी का रूप धरकर आपको ठगने के लिए भेजते हैं। इसके विपरीत, Temp Mail (जैसे FakeEmail.net) एक वैध गोपनीयता टूल है जिसका उपयोग आम इंटरनेट यूज़र अनजान वेबसाइटों पर अपनी असली ईमेल आईडी को स्पैम और डेटा लीक से बचाने के लिए करते हैं।
मैं अपने मोबाइल फोन पर किसी ईमेल के पीछे छिपे असली लिंक (URL) की जांच कैसे करूं?
मोबाइल फोन पर लिंक की जांच करने के लिए उस पर तुरंत टैप न करें। इसके बजाय, अपनी उंगली को उस लिंक या बटन पर 1 से 2 सेकंड के लिए दबाकर रखें (Long press करें)। आपकी स्क्रीन पर एक छोटा बॉक्स खुलेगा जिसमें पूरा वेब पता (URL) लिखा होगा, जिससे आप बिना साइट खोले यह देख सकते हैं कि वह लिंक वास्तव में कहां जा रहा है।
यदि किसी ईमेल में कंपनी का असली लोगो और सही रंग-रूप है, तो क्या वह सुरक्षित है?
नहीं, केवल लोगो या डिज़ाइन देखकर किसी ईमेल को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। किसी भी कंपनी का आधिकारिक लोगो इंटरनेट से कॉपी करके नकली ईमेल में लगाना स्कैमर्स के लिए कुछ सेकंड का काम है। हमेशा लोगो के बजाय भेजने वाले के डोमेन नाम, भाषा और ईमेल में मांगी गई जानकारी के आधार पर ही उसकी सत्यता परखें।
क्या मैं अपने बैंक या महत्वपूर्ण खातों के लिए डिस्पोजेबल ईमेल (Temp Mail) का उपयोग कर सकता हूं?
बिल्कुल नहीं। Temp Mail सार्वजनिक और अस्थायी इनबॉक्स होते हैं जिनमें कोई पासवर्ड नहीं होता, और कोई भी व्यक्ति जो उस पते को जानता है या अनुमान लगा लेता है, उसके संदेश पढ़ सकता है। बैंकिंग, सरकारी सेवाओं, टैक्स और मुख्य सोशल मीडिया खातों के लिए हमेशा अपनी निजी, मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) से सुरक्षित ईमेल आईडी का ही उपयोग करें।
तुरंत disposable ईमेल चाहिए? बिना साइन-अप, बस एक क्लिक में मुफ़्त पाएं।
Temp email पाएं